विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं कि क्या चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को मनमाने ढंग से मरोड़ा जा रहा है?
विभाग ने 7 जुलाई को प्राप्त सभी 14 आवेदनों की स्क्रूटनी की और पात्र-अपात्र ठेकेदारों की सूची जारी कर दी। इस सूची में चौंकाने वाली बात यह लिखी गई कि “निविदा प्रपत्र अगले दिन यानी 08 जुलाई को प्रदान किया जाएगा।”
ऐसे में यह बड़ा सवाल यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा हो गया है कि जब विज्ञापन की मूल शर्त में साफ लिखा है कि ‘निविदा प्रपत्र प्राप्त करने के लिए’ नोटरीकृत दस्तावेज देने हैं, तो फिर प्रपत्र वितरण के एक दिन पहले अपात्र कैसे घोषित किया जा सकता है?
जब निविदा प्रपत्र देने की तारीख 8 जुलाई तय की गई है, तो नियमों के मुताबिक ठेकेदार 8 तारीख को प्रपत्र हाथ में लेते समय नोटरीकृत दस्तावेज एवं वैध बैंक साल्वेंसी सौंपने के लिए वैध थे।
जांच के दिन स्व-प्रमाणित प्रतियों को स्वीकार कर उन्हें अगले दिन नोटरीकृत दस्तावेज एवं वैध बैंक साल्वेंसी लाने का मौका दिया जाना चाहिए था।