बालोद। जिले के ग्राम बेलमांड (स्कूल मैदान) में परिक्षेत्र स्तरीय कर्मा महोत्सव 2026 का आयोजन इस वर्ष भव्य एवं पारंपरिक रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा संतोष चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरक उद्बोधन मुख्य आकर्षण रहा। आयोजन में साहू समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिली।

कलश शोभायात्रा से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति एवं सांस्कृतिक वातावरण निर्मित हुआ।
मुख्य अतिथि प्रतिभा संतोष चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मा जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने साहू समाज की एकजुटता, परिश्रम और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की।

इन अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन लाल साहू उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष प्रेम लाल साहू ने की। प्रमुख वक्ता के रूप में जितेंद्र साहू ने अपने विचार रखे।
विशिष्ट अतिथियों में जयंत कुमार साहू, चंद्रेश हिरवानी, छगन साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पूजा वैभव साहू, श्रीमती चंद्रिका साहू, श्रीमती वीणा साहू, श्रीमती चमेली वाल्मिकी साहू (सरपंच), धरम सिंह साहू, मुरलीधर साहू, रघुनंदन गंगबेर, गंगा प्रसाद साहू, चुरामन साहू, नरेंद्र साहू, धनवाराम साहू सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पं. चंद्रिका प्रसाद दुबे ने आशीर्वचन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती टोमिन साहू एवं दिनेश कुमार साहू द्वारा किया गया।

कैंसर जागरूकता एवं मेडिकल कैंप का आयोजन
महोत्सव के दौरान ग्रामीणों के लिए निःशुल्क मेडिकल कैंप एवं कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। इसके साथ ही बिहान संस्था द्वारा मातृ सशक्तिकरण एवं युवक-युवती जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
सामाजिक एकता का दिया संदेश
कार्यक्रम में साहू समाज के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रूप से की गईं, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह भव्य आयोजन न केवल परंपराओं को जीवंत करने वाला रहा, बल्कि समाज में एकता, जागरूकता और सांस्कृतिक गौरव का मजबूत संदेश देने में भी सफल रहा।
