रायपुर | 28 दिसंबर
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित होगा। यह बात छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कही।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित जिला पंचायत अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रदेशभर से आए जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इनमें पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि, भ्रमण एवं यात्रा भत्ता, आवास सुविधा, अन्य भत्तों में संशोधन, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था तथा वाहन किराया पुनरीक्षण जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
उपमुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायतों की भूमिका को रेखांकित किया।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) तथा वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से मजदूरी भुगतान प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को समय पर भुगतान मिलेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
विजय शर्मा ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में पंचायतों और जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक और व्यावहारिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का निरंतर क्षमता विकास ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वीबी-जी राम जी अधिनियम के माध्यम से न केवल रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
बैठक के अंत में उपमुख्यमंत्री ने जिला पंचायत अध्यक्षों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में सहभागी बनें। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से छत्तीसगढ़ राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
